प्रमोद महाजन कौशल्य व उद्योजकता विकास अभियान (PMKUVA)
- माहे सप्टेंबर २०१५ मध्ये “प्रमोद महाजन कौशल्य व उद्योजकता विकास अभियान” या योजनेची सुरुवात “कुशल महाराष्ट्र-रोजगारयुक्त महाराष्ट्र” या ध्येयपूर्तीसाठी करण्यात आली. या योजने अंतर्गत राज्यातील १५ ते ४५ वयोगटातील उमेदवारांना कौशल्य विकास प्रशिक्षण देऊन रोजगार/स्वयंरोजगार उपलब्ध करून देण्यात येतो. सदर योजना १००% राज्य शासनमार्फत अनुदानित आहे.
- सद्यस्थितीत “प्रमोद महाजन कौशल्य व उद्योजकता विकास अभियान” या योजनेच्या अंतर्गत, निश्चित निकषानुसार स्कील इंडिया पोर्टलवर सूचीबद्ध असलेल्या प्रशिक्षण संस्थेमार्फत उमेदवारांस कौशल्य प्रशिक्षण प्रदान करून रोजगारक्षम करून रोजगार/स्वयंरोजगार उपलब्ध करून देण्यात येतो.
- सदर प्रशिक्षण कार्यक्रमा अंतर्गत सदर प्रशिक्षण संस्थेने उमेदवारांची जमवाजमव करून, SSC/ MSBSVET यांचेमार्फत मान्यताप्राप्त अभ्यासक्रमानुसार कौशल्य प्रशिक्षण देणे व प्रशिक्षणानंतर त्रयस्थ संस्थेमार्फत मूल्यमापन करणे, प्रशिक्षण यशस्वीरीत्या पूर्ण केलेल्या उमेदवारांना रोजगार/स्वयंरोजगार उपलब्ध करून देवून, त्या उपरांत सहा महिन्यापर्यंत पाठपुरावा करणे अपेक्षित आहे. सदर संपूर्ण कामकाज ऑनलाईन पद्धतीने करण्यासाठी महाराष्ट्र राज्य कौशल्य विकास सोसायटीचे वेब पोर्टलचा वापर करण्याची सुविधा सोसायटीमार्फत उपलब्ध करून देण्यात येते.
प्रमोद महाजन कौशल्य व उद्योजकता विकास अभियान (PMKUVA) संक्षिप्त माहिती: PMKUVA योजनेची वर्षनिहाय माहिती:
| वर्ष | एकूण नोंदणीकृत उमेदवार | एकूण प्रशिक्षण घेत असलेले उमेदवार | एकूण प्रशिक्षण पूर्ण उमेदवार | एकूण प्रमाणित उमेदवार | एकूण रोजगार/ स्वयंरोजगार प्राप्त उमेदवार |
|---|---|---|---|---|---|
| २०२१-२२ | 49463 | 7484 | 36923 | 31119 | 3574 |
| २०२२-२३ | 80594 | 6280 | 73078 | 61690 | 7669 |
| २०२३-२४ | 63187 | 7085 | 54572 | 48137 | 2166 |
| २०२४-२५ | 112572 | 91131 | 1078 | - | - |
"प्रमोद महाजन कौशल्य विकास व उद्योजकता अभियान" या योजनेअंतर्गत "प्रमोद महाजन ग्रामीण कौशल्य विकास केंद्र" व "आचार्य चाणक्य कौशल्य विकास केंद्र " या दोन उपयोजना राबविण्यात येत आहेत.
संदर्भ:
प्रमोद महाजन ग्रामीण कौशल्य विकास केंद्र (PMGKVK)
मा. उपमुख्यमंत्री तथा वित्त मंत्री यांनी सन २०२३-२४ करिता सादर केलेल्या अर्थसंकल्पातील कौशल्य विकास विभागांतर्गत अर्थसंकल्पातील परिच्छेद क्र.११२ प्रमाणे ग्रामीण भागाकडून शहराकडे होणारे स्थलांतराचे प्रमाण कमी व्हावे, यासाठी स्थानिक पातळीवरील रोजगार व स्वयंरोजगाराकरिता ग्रामीण भागात ५०० “प्रमोद महाजन ग्रामीण कौशल्य विकास केंद्र”(PM-GKVK)” निर्माण करण्यास शासनाने मान्यता प्रदान केली आहे.
कार्यक्रमाची उद्दिष्टे :
- ग्रामीण भागातील युवक-युवतींना कौशल्य विकास प्रशिक्षण देऊन त्यांना रोजगार/स्वयंरोजगाराची संधी उपलब्ध करून देणे. त्याद्वारे ग्रामीण भागातील युवक-युवतींना कौशल्यपूर्ण करून आर्थिक सक्षमीकरण करणे.
- ग्रामीण भागात आवश्यक कौशल्यपूर्ण कामगार पुरवठा करणे परिणामी राज्यातील कुशल कामगारांचा अभाव दूर करणे.
- अकुशल मनुष्यबळाला कौशल्यपूर्ण (Skilling) बनविणे, गरज असल्यास पुन: कौशल्य (Reskilling) देणे. तसेच सध्याच्या कुशल मनुष्यबळाला करिअरमध्ये प्रगतीच्या दृष्टीने वरच्या पातळीचे कौशल्य विकास प्रशिक्षण (Upskilling) देणे.
प्रमोद महाजन ग्रामीण कौशल्य विकास केंद्र (PMGKVK)-सद्यस्थिती
- एकूण प्रमोद महाजन ग्रामीण कौशल्य विकास केंद्र (PMGKVK) : ५११
- एकूण सामंजस्य करार करण्यात आलेल्या संस्थांची संख्या (MOU) : ५११
- एकूण कार्यादेश निर्गमित करण्यात आलेल्या संस्थांची संख्या : ५११
- कार्यान्वित झालेली केंद्र : ५११
" प्रमोद महाजन ग्रामीण कौशल्य विकास केंद्र (PMGKVK)” जिल्हानिहाय संख्या
| अ.क्र. | जिल्हा | केंद्रांची संख्या |
|---|---|---|
| 1 | पालघर | 12 |
| 2 | रायगड | 14 |
| 3 | रत्नागिरी | 11 |
| 4 | सिंधुदुर्ग | 08 |
| 5 | ठाणे | 09 |
| मुंबई विभाग | 54 | |
| 6 | अहिल्यानगर | 29 |
| 7 | धुळे | 12 |
| 8 | जळगाव | 24 |
| 9 | नंदुरबार | 11 |
| 10 | नाशिक | 29 |
| नाशिक विभाग | 105 | |
| 11 | कोल्हापूर | 21 |
| 12 | पुणे | 30 |
| 13 | सांगली | 17 |
| 14 | सातारा | 20 |
| 15 | सोलापूर | 24 |
| पुणे विभाग | 112 | |
| 16 | बीड | 17 |
| 17 | छत्रपती संभाजीनगर | 17 |
| 18 | धाराशिव | 12 |
| 19 | हिंगोली | 08 |
| 20 | जालना | 13 |
| 21 | लातूर | 15 |
| 22 | नांदेड | 16 |
| 23 | परभणी | 10 |
| छत्रपती संभाजी नगर | 108 | |
| 24 | अकोला | 09 |
| 25 | अमरावती | 15 |
| 26 | बुलढाणा | 16 |
| 27 | वाशिम | 08 |
| 28 | यवतमाळ | 20 |
| अमरावती विभाग | 68 | |
| 29 | भंडारा | 08 |
| 30 | चंद्रपूर | 15 |
| 31 | गडचिरोली | 12 |
| 32 | गोंदिया | 08 |
| 33 | नागपूर | 13 |
| 34 | वर्धा | 08 |
| नागपूर विभाग | 64 | |
| महाराष्ट्र (एकूण) | 511 | |
आचार्य चाणक्य कौशल्य विकास केंद्र
नवीन राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरण, २०२० मध्ये व्यावसायिक शिक्षणाला महत्व देण्यात आलेले आहे. धोरणाच्या अंमलबजावणीला सकारात्मक वातावरण निर्मिती होण्यासाठी तसेच, युवक- युवतींना कौशल्य विकासाची संधी महाविद्यालयामध्ये उपलब्ध करून देण्यासाठी महाराष्ट्र शासनाने “आचार्य चाणक्य कौशल्य विकास केंद्र” ही नाविन्यपूर्ण योजना सुरु केली आहे.
राज्यातील नामांकित महाविद्यालयांमध्ये कौशल्य विकास प्रशिक्षण केंद्र स्थापन करून 15 ते 45 वयोगटातील युवक-युवतींना कौशल्य विकास प्रशिक्षण प्रदान करून, त्यांना आपल्या पायावर उभे राहण्यासाठी रोजगाराच्या अनेक संधी उपलब्ध होऊ शकतात या करीता केंद्र शासनामार्फत निश्चित केलेल्या Common Cost Norms नुसार कौशल्य विकास केंद्रांना विविध टप्प्यांमध्ये प्रशिक्षण शुल्क अदा करण्यात येते. इच्छुक महाविद्यालयांमध्ये “आचार्य चाणक्य कौशल्य विकास केंद्र”स्थापन करण्याचा राज्य शासनाने निर्णय घेतला आहे.
प्रत्येक कौशल्य विकास केंद्रात प्रतिवर्षी साधारण १५० युवक-युवतींना कौशल्य विकासाचे मोफत प्रशिक्षण देण्यात येणार आहे. यामुळे संपूर्ण राज्यात प्रतिवर्षी साधारण १,५०,००० युवक-युवतींना कौशल्य विकासाचे मोफत प्रशिक्षण मिळणार आहे. या योजनेसाठी १५ ते ४५ वयोगटातील सर्व युवक-युवती पात्र आहेत.
- राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरण, २०२० मधील व्यवसायिक शिक्षणाचे महत्त्व ओळखून १००० महाविद्यालयातील युवक युवतींना कौशल्य प्रशिक्षण देणे.
- राज्यातील युवक-युवतींना परदेशामध्ये रोजगार उपलब्ध व्हावा यासाठी आवश्यक तंत्रज्ञानाचे कौशल्य प्रशिक्षण देणे.
- कालसुसंगत तंत्रज्ञानाचे कौशल्य प्रशिक्षण महाविद्यालयीन युवक युवतींना देऊन त्यांना रोजगारासाठी सक्षम बनविणे.
आचार्य चाणक्य कौशल्य विकास केंद्र योजनेची कार्यपद्धती:
प्रशिक्षण संस्थांची निवड:
- राज्यातील निवड केलेल्या नामांकित महाविद्यालयांमध्ये पात्र ACKVK व सहायक आयुक्त, जिल्हा, कौशल्य, रोजगार व उद्योजकता मार्गदर्शन केंद्र यांच्यामध्ये करार येत आहेत.
- निवड केलेल्या पात्र महाविद्यालयांना सहायक आयुक्त, जिल्हा, कौशल्य, रोजगार व उद्योजकता मार्गदर्शन केंद्र यांच्यामार्फत सविस्तर कार्यादेश निर्गमित करण्यात येत आहेत.
- महाविद्यालयांनी कौशल्य विकास प्रशिक्षण केंद्राची नोंदणी कौशल्य विकास व उद्योजकता विभागाच्या स्किल इंडिया डीजीटल हब पोर्टलवर करणे बंधनकारक आहे.
अभ्यासक्रम:
- कौशल्य विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम राबविण्यासाठी NSQF संलग्नित रोजगार/स्वयंरोजगारक्षम अभ्यासक्रमाची निवड करण्यात आली आहे .
- प्रामुख्याने स्थानिक पातळीवर रोजगार/स्वयंरोजगार उपलब्ध होऊ शकेल अश्या NSQF संलग्नित अभ्यासक्रमाची निवड करण्यात आली आहे.
- अभ्यासक्रमाची निवड करतांना उमेदवारांची आवड व नोकरीची उपलब्धता व स्थानिक उद्योगांची गरज लक्षात घेण्यात येत आहे.
- तंत्रज्ञानामध्ये होत असलेले अत्याधुनिक बदल लक्षात घेऊन NSDC मार्फत निश्चित करण्यात आलेल्या ११९ Future Job-roles पैकी अभ्यासक्रमांची निवड केल्यास यूवक-युवतींना तंत्रज्ञानाच्या क्षेत्रामध्ये रोजगाराच्या अधिक संधी उपलब्ध करून देण्यात येणार आहे.
मुल्यांकन व प्रमाणपत्र :
- प्रशिक्षण पूर्ण झाल्यानंतर प्रशिक्षण तुकड्यांचे मुल्यांकन महाराष्ट्र राज्य कौशल्य व्यावसायिक शिक्षण व प्रशिक्षण मंडळ (MSBSVET) मार्फत करण्यात येईल.
निधी तरतूद :
- प्रशिक्षण शुल्काची निश्चिती केंद्र शासनाने निर्गमित केलेल्या Common Cost Norms (CCN) च्या मार्गदर्शक सुचनांप्रमाणे होईल व प्रशिक्षण शुल्क प्रमोद महाजन कौशल्य विकास व उद्योजकता विकास अभियानाच्या (PMKUVA) मार्गदर्शक सुचनांप्रमाणे ACKVK यांना अदा करण्यात येईल.
- आचार्य चाणक्य कौशल्य विकास केंद्र योजनेकरीता १००% राज्य अनुदानित प्रमोद महाजन कौशल्य विकास व उद्योजकता विकास अभियानाच्या निधी मधून रु. १५०.०० कोटी इतकी तरतूद करण्यात आली आहे.
- कौशल्य विकास केंद्रात प्रतिवर्षी साधारण १५० युवक-युवतींना कौशल्य विकासाचे मोफत प्रशिक्षण देण्यात येणार आहे. यामुळे संपूर्ण राज्यात प्रतिवर्षी साधारण १,५०,००० युवक-युवतींना कौशल्य विकासाचे मोफत प्रशिक्षण मिळणार आहे.
- नवीन राष्ट्रीय शैक्षणिक धोरण,२०२० मध्ये व्यावसायिक शिक्षणाला महत्व देण्यात आलेले आहे. धोरणाच्या अंमलबजावणीला सकारात्मक वातावरण निर्मिती होण्यासाठी तसेच, युवक- युवतींना कौशल्य विकासाची संधी महाविद्यालयामध्ये उपलब्ध करून देण्यासाठी महाराष्ट्र शासनाने प्रमोद महाजन कौशल्य व उद्योजकता विकास अभियान योजनेंतर्गत “आचार्य चाणक्य कौशल्य विकास केंद्र” ही नाविन्यपूर्ण योजना सुरु केली आहे.
"आचार्य चाणक्य कौशल्य विकास केंद्र” जिल्हानिहाय संख्या
| अ.क्र. | जिल्हा | महाविद्यालयांची संख्या |
|---|---|---|
| 1 | मुंबई शहर | 18 |
| 2 | मुंबई उपनगर | 43 |
| 3 | पालघर | 32 |
| 4 | रायगड | 29 |
| 5 | रत्नागिरी | 17 |
| 6 | सिंधुदुर्ग | 12 |
| 7 | ठाणे | 59 |
| मुंबई विभाग | 210 | |
| 8 | अहिल्यानगर | 55 |
| 9 | धुळे | 35 |
| 10 | जळगाव | 39 |
| 11 | नंदुरबार | 21 |
| 12 | नाशिक | 71 |
| नाशिक विभाग | 221 | |
| 13 | कोल्हापूर | 43 |
| 14 | पुणे | 57 |
| 15 | सांगली | 30 |
| 16 | सातारा | 35 |
| 17 | सोलापूर | 34 |
| पुणे विभाग | 199 | |
| 18 | बीड | 38 |
| 19 | छत्रपती संभाजीनगर | 42 |
| 20 | धाराशिव | 20 |
| 21 | हिंगोली | 7 |
| 22 | जालना | 31 |
| 23 | लातूर | 22 |
| 24 | नांदेड | 31 |
| 25 | परभणी | 18 |
| छत्रपती संभाजी नगर | 209 | |
| 26 | अकोला | 16 |
| 27 | अमरावती | 16 |
| 28 | बुलढाणा | 35 |
| 29 | वाशिम | 21 |
| 30 | यवतमाळ | 33 |
| अमरावती विभाग | 121 | |
| 31 | भंडारा | 23 |
| 32 | चंद्रपूर | 25 |
| 33 | गडचिरोली | 17 |
| 34 | गोंदिया | 22 |
| 35 | नागपूर | 58 |
| 36 | वर्धा | 20 |
| नागपूर विभाग | 165 | |
| महाराष्ट्र (एकूण) | 1125 | |
किमान कौशल्य विकास कार्यक्रम- जिल्हा नियोजन समिती
महाराष्ट्रातील विविध जिल्ह्यातील विशिष्ट भौगोलिक तथा सामाजिक स्थिती, परंपरागत व्यवसाय, नैसर्गिक संसाधन तथा साधनसामुग्री इत्यादींच्या आधारे जिल्ह्यातील रोजगार/स्वयंरोजगारासाठी अधिक मागणी असलेली क्षेत्रे निश्चित करून या क्षेत्रांच्या कौशल्याच्या मागणीनुसार विशिष्ट अभ्यासक्रम राबविणे तसेच प्रशिक्षण प्राप्त उमेदवारांना रोजगार/स्वयंरोजगारासाठी सहाय्य करणे या उद्दिष्टा करीता किमान कौशल्य विकास कार्यक्रम (DPC) च्या अंमलबजावणी संदर्भात कौशल्य, रोजगार, उद्योजकता आणि नाविन्यता विभागामार्फत दि. 1६.०3.२०17 रोजी शासन निर्णय निर्गमित करण्यात आला आहे. “किमान कौशल्य विकास कार्यक्रम” या जिल्हास्तरीय योजनेच्या अंमलबजावणीकरिता प्रस्तावास जिल्हा कौशल्य विकास कार्यकारी समितीचे अध्यक्ष म्हणून जिल्हाधिकारी यांची प्रशासकीय मान्यता व आयुक्त, कौशल्य विकास,रोजगार व उद्योजकता यांची तांत्रिक मान्यता प्रदान करण्यात येते.
या योजनेसाठी दि.१६.०३.२०१७ रोजीच्या शासन निर्णयानुसार संबंधित जिल्ह्याचे जिल्हाधिकारी यांना “नियंत्रण अधिकारी” म्हणून घोषित करण्यात आले आहे. तसेच, शासनाच्या दि.२९.०३.२०१९ रोजीच्या शुद्धीपत्रकानुसार जिल्हा,कौशल्य,रोजगार व उद्योजकता मार्गदर्शन केंद्र कार्यालयाकरिता आहरण व संवितरण अधिकारी म्हणून घोषित करण्यात आलेले आहे.
किमान कौशल्य विकास कार्यक्रम अंतर्गत वर्ष २०२१-२२ ते २०२४-२५ पर्यंत आयोजित प्रशिक्षणामधील उमेदवारांची बाबत माहिती खालीलप्रमाणे आहे:
किमान कौशल्य विकास कार्यक्रम (DPC) योजनेची वर्षनिहाय माहिती:
| वर्ष | एकूण नोंदणीकृत उमेदवार | एकूण प्रशिक्षण घेत असलेले उमेदवार | एकूण प्रशिक्षण पूर्ण उमेदवार | एकूण प्रमाणित उमेदवार | एकूण रोजगार/ स्वयंरोजगार प्राप्त उमेदवार |
|---|---|---|---|---|---|
| २०२१-२२ | २१२१४ | ५७२८ | १५८९६ | १४६८६ | ७८९० |
| २०२२-२३ | २८०२१ | २१०९ | २५८१४ | २२४२७ | ५४३८ |
| २०२३-२४ | २७२६३ | १०२५५ | १६४८० | ८०५२ | ५४० |
| २०२४-२५ | ३१८० | - | - | - | - |
Source: Data as per Mahaswayam portal as on 12.12.2024